मेरी जीभ सफेद और फटी क्यों है?HealthPlanet

Posted on Fri 2nd Dec 2022 : 10:48

1. सफेद जीभ का कारण

हर व्यक्ति की जीभ सफेद होने के अलग कारण हो सकते हैं. लेकिन एक बात जो सबमें समान होती है, वह ये है कि सफेद जीभ सभी को असहज करती है. आमतौर पर सफेद जीभ होने का अर्थ यह होता है कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो गई है. यानी आपको अपना इम्यून सिस्टम मजबूत करने की जरूरत है. और जिन लोगों में सफेद जीभ की समस्या होती है, उनमें से ज्यादातर में इम्यूनिटी की कमजोरी ही सामने आती है.

कमजोर इम्यूनिटी के कारण जीभ पर बैक्टीरिया की संख्या काफी बढ़ जाती है और फंगी पनप जाती है. ये कई तरह के बैक्टीरिया और फंगी हम सभी के शरीर में रहते हैं और ये हमारे शरीर के जरूरी भी होते हैं. लेकिन जब रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है तो इन बैक्टीरिया और फंगी का संतुलन बिगड़ जाता है. इसका नतीजा यह होता है कि जीभ काफी सफेद नजर आने लगती है.

2. जीभ सफेद दिखने के अन्य कारण

जिन लोगों की कीमोथेरपी चल रही होती है, उन्हें भी जीभ सफेद होने की समस्या हो जाती है.
किसी लंबी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति, जो लंबे समय से दवाओं का सेवन कर रहा हो, उसे भी टंग वाइट होने की समस्या हो सकती है.
कुछ बहुत ही कम केसेज में या कहिए कि कुछ दुर्लभ मामलों में यह समस्या एड्स के रोगियों में भी देखने को मिलती है. क्योंकि यह रोग भी सबसे पहले इम्यूनिटी पर ही अटैक करता है.


जीभ में दरार के कारण

जीभ में दरार पड़ने के स्पष्ट कारण बता पाना मुश्किल है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिशर्ड टंग की परेशानी मेल्कोर्सन-रोसेंथल सिंड्रोम, काउडन सिंड्रोम और डाउन सिंड्रोम से जुड़ी होती है। कुछ विशेष स्थितियों में जीभ में दरार पड़ने के निम्न कारण होते हैं।

विटामिन की कमी

आमतौर पर फिशर्ड टंग की परेशानी शरीर में विटामिन की कमी की वजह से होती है। शरीर में विटामिन बी कॉम्पलेक्स, बी6, बी1, बी12 की कमी की वजह से जीभ फटती है। इसके अलावा आयरन जैसे विटामिन लेना भी जरूरी है। उम्र के साथ-साथ कई अन्य कारण हो सकते हैं, इस परेशानी के। आनुवांशिक स्थितियां भी फिशर्ड टंग से जुड़ी होती हैं।

गंभीर बीमारी

जिन लोगों को बचपन से फिशर्ड टंग की परेशानी है और जीभ में कोई दर्द नहीं है। तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि उन्हें अभी तक जीभ की उपरी सतह फटने से कोई परेशानी नहीं हुई है। लेकिन ऐसे लोग जो किडनी रोग, अनियंत्रित डायबिटीज, कीमोथेरेपी आदि के पेशेंट हैं, उनमें जीभ फटने की समस्या हो सकती है।

अनियंत्रित मधुमेह होने पर पेशेंट को ओरल दवाएं दी जाती हैं, जिस वजह से मुंह में बैक्टीरिया ग्रोथ करता है और जीभ में दरारें पड़ जाती हैं। इस कारण जीभ फटने का एक कारण अनियंत्रित डायबिटीज भी है।

आइसीयू में भर्ती मरीज को

लंबे समय से अगर कोई मरीज आईसीयू में भर्ती है, उसको जो दवाएं दी जाती हैं, उसकी वजह से भी जीभ में दरार पड़ने की समस्या हो सकती है। डॉ. मंजीता का कहना है कि फेशियल पैरालिसिस जैसे बेल्स पाल्सी में भी जीभ में दरारें पड़ जाती हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं है सभी को पेल्स पाल्सी में जीभ में दरार पड़ें। लेकिन फिशर्ड टंग का एक कारण गंभीर बीमारी हो सकती है। यह परेशानी बढ़ती उम्र में होती है।

वायरल बीमारी

किसी तरह की वायरल बीमारी में भी फिशर्ड टंग की परेशानी होती है। कोविड से ठीक होने वाले मरीजों में भी जीभ से जुड़ी परेशानियां देखी जा रही हैं।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info